Short Stories for Kids in Hindi – Best hindi stories 2022

Short Stories for kids in Hindi

आजकल कहानियां पढ़ना किसे पसंद नहीं है। कहानियां पढ़ना सबसे ज्यादा बच्चों को पसंद आता है। इन कहानियों से बच्चे मनोरंजन के साथ-साथ बहुत सारी जानकारियां भी हासिल करते हैं। आजकल बच्चों के अलावा हम बड़ों को भी यह कहानियां बहुत अच्छी लगती है। इन कहानियों को पढ़ने से बचपन की यादें ताजा हो जाती है।

पहले के दिनों में ज्यादातर घरों में दादी नानी या दादाजी कहानियां सुनाया करते थे और उनकी द्वारा सुनाई गई कहानियां बहुत मनोरंजक होती थी और उससे बहुत ज्ञान हासिल होता था। लेकिन आजकल टेक्नॉलॉजी बदलने के साथ-साथ इन कहानियों को अब ऑनलाइन भी पढ़ा जा सकता है।

 आजकल के बच्चे अगर स्मार्टफोन चलाने की जिद करते हैं तो अक्सर उनके माता-पिता ऐसे ही कहानियां निकाल कर दे देते हैं जिसे बच्चे पढ़ते हैं और उन्हें काफी कुछ सीखने को मिलता है। आज की इस आर्टिकल में हम कुछ ऐसी कहानियों  बताएंगे जो बच्चों के अलावा बड़ों को भी बहुत पसंद आता है और इन कहानियों से बहुत सीख मिलती है।

Best short Story for Kids in 2022

यहां पर हम कुछ मनोरंजक और प्रेरणादायक कहानियों के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्हें आप खाली समय में पड़ सकते हैं और इन कहानियों से आपको बहुत मजा आएगा इसके साथ ही बच्चे इन कहानियों से नैतिकता सीख सकते हैं। तो चलिए बिना देरी किए हम कुछ कहानियों के बारे में बताते हैं।

लकड़हारा और सुनहरी कुल्हाड़ी

एक बार की बात है जब एक जंगल के पास एक लकड़हारा रहता था और वह प्रतिदिन जंगल से लकड़ियां इकट्ठा करके बाजार में बेचा करता था जिससे उसे कुछ पैसे मिल जाया करते थे।

प्रतिदिन की तरह एक दिन वह जब जंगल में पेड़ काट रहा था तब पेड़ काटते समय उसकी कुल्हाड़ी उसके हाथ से छूट गई और नीचे नदी में गिर गई जो बहुत ज्यादा गहरी थी। लकड़हारा पेड़ से नीचे उतरा और उसने बहुत प्रयास किया लेकिन उसे वह कुल्हाड़ी नहीं मिल पाई। कुछ समय कोशिश करने के बाद उसने हार मान ली और उसे लगा कि अब उसे कुल्हाड़ी नहीं मिलेगी इसीलिए वह नदी के पास बैठकर ही रोने लगा।

 जब वह रो रहा था तो उसके रोने की आवाज सुनकर नदी के भगवान प्रकट हुए और उस लकड़हारे से बोले –  तुम क्यों रो रहे हो तो उस लकड़हारे ने अपनी पूरी कहानी नदी के भगवान को सुनाया। नदी के भगवान को उस लकड़हारे की कहानी सुनकर उस पर दया आ गई और उन्होंने उस लकड़हारे को कहा कि हम तुम्हारी मदद करेंगे।

 इतना कहने के बाद वह अचानक गायब हो गए और एक सुनहरी कुल्हाड़ी के साथ प्रकट हुए। उस सुनहरी कुल्हाड़ी को जब नदी के भगवान ने उस लकड़हारे को दिया तब वह बोला कि वह उसकी कुल्हाड़ी नहीं है। इसके बाद नदी के देवता फिर गायब हो गए और इस बार चांदी की कुल्हाड़ी के साथ प्रकट हुए लेकिन लकड़हारे ने इस कुल्हाड़ी को भी लेने से मना कर दिया।

 लकड़हारे के मना करने के बाद नदी के देवता फिर गायब हो गए और इस बार वह लकड़हारे की लोहे की कुल्हाड़ी के साथ प्रकट हुए। इसे देखकर लकड़हारा बहुत पसंद हुआ और वसने खुशी खुशी वह कुल्हाड़ी नदी के देवता से ले ली। लकड़हारे की इमानदारी को देखते हुए नदी के देवता बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने उस लकड़हारे को सोने और चांदी दोनों कुल्हाड़ी या भेंट कर दी जिसे लकड़हारे ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया।

 एक कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि ईमानदारी सर्वोत्तम नीति है और कभी भी लालच नहीं करना चाहिए।

2 – लालची शेर

एक जंगल में एक शेर रहता था। 1 दिन गर्मी के मौसम में  उसे बहुत जोरों की भूख लगी और वह खाने की तलाश में इधर-उधर भटकने लगा। काफी देर जंगल में खाने की खोज करने के बाद उसे एक खरगोश मिला लेकिन शेर ने उस खरगोश को छोड़ दिया क्योंकि वह उसके लिए बहुत छोटा था।

कुछ देर और शिकार की तलाश करने के बाद उसे हिरन मिला जो बहुत ही फुर्तीला था। शेर ने उसका बहुत देर तक पीछा किया लेकिन फुर्तीला होने के कारण हिरण आगे निकल गया और शेर फिर से बुखार आ गया।

 आप शेर को भूख ज्यादा सताने लगी ऐसी लिए उसने सोचा कि क्यों ना खरगोश का ही शिकार किया जाए इसीलिए वह वापस फिर से खरगोश का शिकार करने उस जगह पहुंचा लेकिन खरगोश उस जगह नहीं मिला क्योंकि वह वहां से जा चुका था। इसके बाद से थक हार कर बैठ गया और पछताने लगा। उस दिन उसे भूखा ही रहना पड़ा।

 इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें ज्यादा लोग नहीं करना चाहिए क्योंकि ज्यादा लोग करना कभी भी फलदायक नहीं होता  है।

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