Starlink internet kaisa hai - भारत मे कब तक आएगा best जानकारी 2022

Starlink Internet kaisa hai जाने पूरी जानकारी स्टारलिंक के बारे में

Starlink internet kaisa hai

दोस्तों आजकल इंटरनेट का इस्तेमाल तो हर कोई करता है किसी न किसी कार्य के लिए और यह लोगों की जरूरत बन गया है । और अगर भारत मे इंटरनेट की बात करें तो हमारे यहाँ इंटरनेट के करोड़ो उपयोगकर्ता है।

हमारे भारत मे कई कंपनियां हैं जो हमे इंटरनेट प्रोवाइड करती है जैसे Jio, airtel, VI, BSNL इत्यादि। जो हमे मोबाइल टावर के द्वारा इंटरनेट प्रोवाइड करती है लेकिन वर्तमान में अब इंटरनेट प्रोवाइड करने के लिए ऑप्टिकल फाइबर का प्रयोग किया जाता है जिसमे डाटा बिल्कुल प्रकाश की गति से भेजा जाता है। भारत मे इंटरनेट की स्पीड बहुत कम होती है और पहाड़ों , जंगलों में जाने पर हमें इंटरनेट की सुविधा भी नही मिल पाती। इसी को देखते हुए एलन मस्क ने कुछ अलग सोचा जिससे इंटरनेट इस्तेमाल करने की एक्सपीरिएंस पूरी तरह से बदल जाएगी

Starlink Internet की खोज एलन मस्क ने की है जो इस समय काफी पॉपुलर व्यक्ति हैं। Starkink Internet उपग्रहोंका समूह है जिसमे सैटेलाइट्स बहुत कम ऊंचाई पर परिक्रमा करते हैं और हमे इंटरनेट सुविधा उपलब्ध करबाते हैं । इसके इंटरनेट का स्पीड बहुत तेज होता है अभी यह कुछ देशों में ही उपलब्ध है जैसे US और कनाडा और भी कुछ देशों के लोग इस्तेमाल कर रहे हैं।

यह आपको डायरेक्ट इंटरनेट उपलब्ध करबाता है। आप अगर किसी जंगल, पहाड़ या नदी के पास भी हैं तो इसके फुल स्पीड पर अपजक इंटरनेट काम करेगा। क्यूंकि यह satalite से इंटरनेट उपलब्ध करबता है। जिन देशों में इसका इस्तेमाल हो रहा है वहां के यूजर्स का एक्सपीरिएंस बहुत अच्छा है।

starlink internet kya hai

इसकी शुरुआत 2018 में ही हुई थी लेकिन शुरुआत में थोड़ी मुश्किल आयी थी। इसका पहला satalite 2018 में स्थापित किया गया था और अब तक इन्होंने करीब 1700 सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अर्थ ऑर्बिट में स्थापित किया जा चुका है और अभी भी जारी है जिसे ये स्थापित कर रहे है और इनका लक्ष्य पूरी दुनिया को स्टारलिंक इंटरनेट से जोड़ना है इसके लिए 11000 से भी ज्यादा satelite को स्थापित करने की तैयारी चल रही है

इनके satelite दूसरे सेटेलाइट के मुकाबले 60 गुना धरती के पास रहेगा जिस से लोगो के पास बहुत तेज इंटरनेट पहुच सकेगा। इसके लिए किसी मोबाइल टावर की भी जरूरत नही पड़ेगी। अगर स्पीड की बात करें तो यह और दूसरे फ़ास्ट इंटरनेट से 50% अधिक फास्ट होगा।

यह कैसे काम करेगा (स्टारलिंक)

दोस्तो जैसा कि आपको पता है कि यह satelite based इंटरनेट है जिसमे बहुत सारे सैटेलाइट के समूह को पृथ्वी के लोअर ऑर्बिट में स्थापित किया जाता है यह पृथ्वी से लगभग 600 km की ऊँचाई पर स्तहपित किये जाते हैं। इसके लोअर ऑर्बिट में स्थापित करने का कारण है कि इससे स्पीड बहुत बढ़ जाती है दूसरे sateliite जो पृथ्वी के बहुत ऊपर है उनकी स्पीड इतनी अच्छी नही होती।

इन सैटेलाइट को स्थापित करने के लिए एलन मस्क में अपनी कंपनी space x के falcon 9 लांचर की मदद ली जो एक बार मे करीब 60 सैटेलाइट को स्थपित करती है जब यह धरती से करीब 450 km पर पहुंच जाता है तो यह अपने सोलर पैनल को फैला देता है जिस से satelite पृथ्वी के चारो तरफ फैलने लगते हैं। इसके सैटेलाइट अधिकतम ऊंचाई प्राप्त करने के लिए thruster का इस्तेमाल करते हैं जिस से वे ऊंचाई पर जा सके। इन सैटेलाइट की गति धीमी होने लगती है जैसे जैसे वे ऊपर जाते है और अंत मे यह ISS से 150 km दूरी पर स्थापित होते है

आजकल हमारे घरों में लगे टेलीविजन में जो सिग्नल आता है वह भी satelite से ही आता है और इन सैटेलाइट को बहुत ज्यादा ऊंचाई पर स्थापित किया जाता है जिस से ये अधिक से अधिक tv antino को कवर कर सके। इसके दूर होने की वजह से इसमे बहुत ज्यादा satelite का इस्तेमाल करना पड़ता है लेकिन स्टारलिंक में ऐसा नही होता है चुकी यह बहुत नजदीक होता है इसलिए इसमे ज्यादा satelite की जरूरत नही पड़ती।

इसके सैटेलाइट बहुत छोटे और हल्के होते है इनके सैटेलाइट का वजन लगभग 200 kg से 300 kg के बीच होता है जिस कारण इसे स्थापित करना भी बहुत आसान होता है और बहुत सारे सैटेलाइट कोएक साथ ले जाने में भी कोई समस्या नही होती और इसके लिए किसी भी मोबाइल टावर की भी जरूरत नही पड़ती।

Insallaion की प्रक्रिया

जहां जहां इसकी सुविधा अभी उपलब्ध है वहां इसके installation के लिए कस्टमर को एक एप्लीकेशन इनस्टॉल करना होता है जो सभी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है जैसे android, Ios, windows। इस app का नाम स्टारलिंक है आपको इस app को ओपन करके अपना लोकेशन शेयर करना होता है जिसके आपका setup किया जाता है इसमे आपको कुछ kits भी प्रोवाइड की जाती है जैसे

  • एंटीना
  • पावर सप्लाई
  • राऊटर
  • केबल
  • माउंटिंग ट्राइपॉड

ये सैटेलाइट एक निर्धारित एरिया में ही इंटरनेट उपलध करबाते हैं जिसके कारण इसके सेटअप के समय लोकेशन की बहुत वैल्यू होती है क्योंकि अगर आपका लोकेशन सैटेलाइट के रेंज में नही है तो बहुत प्रोवालेम होती है कोई भी प्रॉब्लम होने पर कंपनी की सर्विस टीम इसका हल करती है।

कितना स्पीड मिलता है

अगर आप इंटरनेट इस्तेमाल करते है तो आपने इंटरनेट की स्पीड देखी होगी हमारे यहां इंटरनेट की स्पीड ज्यादा से ज्यादा 7 मपबस से 21 mbps होता है लेकिन starlink internet की स्पीड बहुत ज्यादा है इसमे भी सभी तरह के पैक उपलब्ध है जिनकी स्पीड 150 mbps तक है जिसे 300 mbps करने की तैयारी चल रही है ।

स्टारलिंक इंटरनेट की price कितनी होती है

भारत में जब jio telecom की सर्विस आयी थी तब हमें एक प्राइम मेम्बरशिप लेनी होती थी जिसके बाद हमे कोई monthly पैक चुनना होता था । ठीक इसी तरह स्टारलिंक में भी है इसमे आपको सबसे पहले एक स्टारलिंक किट लेनी होती है जिसकी कीमत 499 डॉलर यानी 37400 रुपये किट की कीमत होती है उसके बाद आपको एक पैक चुनना होता है जिसकी कीमत 99 डॉलर यानी 7400 प्रति महीना देना पता है।

भारत मे स्टारलिंक ले डायरेक्टर संजय भार्गव है जिनके अनुसार भारत मे स्टारलिंक का इंटरनेट सुविधा लेने पर आपको पहले साल 158000 रुपये और दूसरे साल 115000 रुपये पे करना होगा।

अभी इसकी सेवा भारत मे उपलब्ध नही है क्योंकि भारत मे अभी इसे मंजूरी नही मिली है लेकिन इसकी तैयारी चल रही है और इस साल के अंत तक उपलब्ध होने की उम्मीद है

  • यह खराब मौसम में भी बहुत अच्छा काम करता है
  • इसकी स्पीड बहुत अच्छी है जो लगभग 150 mbps है
  • इसे आप बना कोई लिमिट के इस्तेमाल कर सकते है
  • आप जहां भी हों यह काम करता है दुनिया के किसी भी कोने में
  • आप इसे किसी दूसरे जगह सेटअप करबा सकते है
  • इसके किट को सेटअप और इस्तेमाल करना बहुत आसान होता है
  • इसका सिग्नल या स्पीड स्लो नही होता है।

तो आज हमने starlink internet के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी है आगे इसके बारे में हम और भी बताएंगे हमारा पोस्ट अच्छा लगा या नही कॉमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। starlink भारत मे कब आएगा

यह भी पढ़ें – new blog बनाकर पैसा कैसे कमायें

Leave a Comment